CBSE बोर्ड क्या है | What is CBSE Board in Hindi !!

CBSE बोर्ड का पूरा नाम “सेंट्रल बोर्ड ऑफ़ सेकेंडरी एजुकेशन” है जिसे हिंदी में “केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड” के नाम से जाना जाता है. ये बोर्ड उन स्कूल के लिए होता है जो यूनियन गवर्नमंट ऑफ़ इंडिया के अंदर आते है. सीबीएसई बोर्ड भारत के स्कूलों के लिए नीतियों और पाठ्यक्रम के अपने अनुसार निर्धारित करता है. वैसे तो कोई भी सीबीएसई बोर्ड से पढ़ाई कर सकता है लेकिन ये उन माता पिता का सबसे अधिक पसंदीदा बोर्ड होता है जो केंद्र सरकार के लिए नौकरी करते हैं और समय समय पे उनका ट्रांसफर होता रहता है इस केस में सीबीएसई बोर्ड के बच्चों को अधिक समस्याएं नहीं आती क्यूंकि सभी स्थानों में इस बोर्ड की शिक्षा समान होती है.

 

सीबीएसई बोर्ड में विज्ञान, गणित और अन्य विषयों को अधिक महत्व दिया जाता है. और ये हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषा का हो सकता है. सभी स्कूलों को इसमें सीबीएसई बोर्ड के बनाये नियमो के अनुसार कार्य करना होता है. सीबीएसई बोर्ड में Continuous और Comprehensive Evaluation (CCE) का प्रयोग होता है अपनी ग्रेडिंग सिस्टम के लिए. सीबीएसई बोर्ड में वैज्ञानिक तरीकों को अधिक महत्व दिया गया है. ये अपने सिलेबस को समय समय पे बदलते रहते हैं.

 

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) इस साल होने वाली 10वीं व 12वीं बोर्ड की परीक्षाओं में छात्रों को बड़ी राहत देने वाला है. उसने इन परीक्षाओं के प्रश्नपत्र आसान बनाने का फैसला किया है. टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक इस बार प्रश्नपत्रों में ऑब्जेक्टिव टाइप सवाल ज्यादा रखे जाएंगे. फिलहाल सीबीएसई बोर्ड की परीक्षा में दस प्रतिशत सवाल इस तरह के होते हैं. अखबार ने सीबीएसई के एक सूत्र के हवाले से बताया कि इस बार इन प्रश्नों में 25 प्रतिशत की वृद्धि की जा सकती है.

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खबर के मुताबिक इसे लेकर सूत्र ने कहा, ‘इससे छात्रों का आत्मविश्वास बढ़ेगा और उन्हें बेहतर अंक प्राप्त करने में मदद मिलेगी. अगर कोई छात्र किसी खास सवाल को लेकर आश्वस्त नहीं है तो उसके पास विकल्प में 33 प्रतिशत सवाल ज्यादा होंगे.’ इसके अलावा सीबीएसई प्रश्नपत्रों के फॉर्मेट में भी बदलाव कर सकता है. इसके तहत प्रश्नपत्र को अलग-अलग खंडों में वर्गीकृत किया जाएगा. उदाहरण के लिए, सभी ऑब्जेक्टिव टाइप प्रश्नों को एक ही खंड में रखा जाएगा. वहीं, ज्यादा अंकों वाले सवाल अलग खंड में रखे जाएंगे.

 

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CBSE की फुल फॉर्म “Central Board of Secondary Education” होती है, CBSE को हिंदी में “केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड” कहते है, CBSE एक केंद्रीय शिक्षा बोर्ड है, ये बोर्ड भारत के सबसे प्रमुख शिक्षा बोर्ड में से एक है. CBSE बोर्ड का संचालन भारत की राजधानी नई दिल्ली से होता है. CBSE बोर्ड से मान्यता प्राप्त स्कूल, भारत के सभी राज्यों में स्थिति है. CBSE बोर्ड से मान्यता प्राप्त स्कूल आपको भारत के बाहर भी देखने को मिल जाएंगे।

 

CBSE बोर्ड को भारत में स्कूली शिक्षा के लिए बहुत अहम् शिक्षा समिति माना जाता है. यह बोर्ड हर साल 10th और 12th क्लास की वार्षिक परीक्षा मार्च के महीने में करता है. इस बोर्ड के द्वारा CBSE AIMPT की परीक्षा को भी conduct किया जाता है, CBSE बोर्ड की खास बात यह है की ये सरकारी schools के अलावा private schools को भी मान्यता देता है. जो schools 10th और 12th क्लास की परीक्षा संचालन करते है. CBSE बोर्ड से पढ़ने का सबसे ज्यादा लाभ उन छात्रों को होता है जीने के माता पिता केंद्रीय employees है, और जिनका तबादला एक राज्य से दूसरे राज्य में होता रहता है. इस बोर्ड के स्कूल हमारे भारत के हर राज्य में है।

 

CBSE बोर्ड इंडिया के सार्वजनिक और निजी विद्यालयों के लिए मुख्य बोर्ड के रूप में काम करता है. इस बोर्ड की स्थापना शिक्षा को नए स्तर तक ले जाने के लिए की गई थी. CBSE शिक्षा बोर्ड में शिक्षा का माध्यम हिंदी और english होता है . केन्द्रीय विद्यालय, government school, स्वतंत्र विद्यालय, जवाहर नवोदय विद्यालय एवं central तिब्बती विद्यालय को CBSE से मान्यता प्राप्त है।

 

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CBSE Bord की स्थापना कब की गयी?

इस बोर्ड की स्थापना 3 November सन् 1962 में की गयी थी. और इस बोर्ड का मुख्यालय New Delhi में स्थित है. CBSE बोर्ड के Chairman इस समय श्री विनीत जोश जी है. Education Sector में अधिक से अधिक बच्चों को लाभ पहुंचने के लिए इस बोर्ड की स्थापना की गयी थी, आपकी जानकारी के लिए बताना चाहेंगे CBSE उन स्कूलों से ही संपर्क करता है, जो की भारत की केंद्रीय सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त होते है. इस बोर्ड की exam सिर्फ और सिर्फ अंग्रेजी में होती है. CBSE के Affiliated Colleges के नियमित student ही यह exam दे सकते है, निजी students को यह exam देने की अनुमति नहीं दी जाती है।

 

CBSE के क्षेत्रीय कार्यालय?

  • New Delhi
  • Chennai
  • Patna
  • Bhubneshwar
  • Thiruvanathapuram
  • Allahabad
  • Guwahati
  • Dehradun
  • Panchkula

 हर साल बोर्ड की परीक्षाएं होती हैं 2019 में भी बोर्ड परीक्षाएं होनी हैं जिनकी तैयारियों में छात्र अभी से ही जुटे हुए हैं। हर साल केन्द्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड यानि सीबीएसई बड़े पैमाने पर बोर्ड परीक्षाओं का आयोजन करता है। लेकिन परीक्षा से पहले इस बार सीबीएसई ने परीक्षा पैटर्न में कुछ बदलाव किए हैं। और परीक्षार्थियों के लिए बेहद ज़रूरी है कि एग्ज़ाम से पहले वो हर बदलाव से वाकिफ हों ताकि एग्ज़ाम से पहले उनकी तैयारी पक्की हो सके और परीक्षा के दौरान वो हड़बड़ाएं या घबराएं नहीं। इन बदलावों की पूरी जानकारी केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड(CBSE) की ऑफिशियल वेबसाइट पर जाकर ली जा सकती है। लेकिन हम भी आपको इन बदलाव की जानकारी दे रहे हैं जो परीक्षा देने वाले परीक्षार्थियों के लिए काम की साबित हो सकती हैं। आपको बताते हैं कि इस बार परीक्षा से जुड़े आखिरकार क्या-क्या बदलाव किए गए हैं।

 

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 इस बार सभी स्कूलों को कक्षा 10वीं और 12वींं के लिए एक सत्र आयोजित करना होगा। सत्र हर रोज़ 1 घंटे के लिए होगा, जहां शिक्षक, स्टूडेंट्स को नए परीक्षा पैटर्न के बारे में अच्छी तरह से सिखाएंगे और उनकी समस्याओं का समाधान करेंगे।

 

 कक्षा 10 के छात्रों के लिए बोर्ड ने इस साल गणित विषय की परीक्षा के लिए 2 अलग-अलग पेपर बनाए हैं।

 

इसके अलावा स्टूडेंट्स को कुल 33 फीसदी अंक हासिल करने होंगे जबकि पहले थ्योरी और प्रैक्टिकल में अलग-अलग 33 फीसदी अंक हासिल करने ज़रूरी होते थे।

 

 सीबीएसई ने कक्षा 12वीं के अंग्रेजी पेपर में भी कई बदलाव किए हैं।

 

ज्यादा जानकारी के लिए सीबीएसई की अधिकारिक वेबसाइट पर लॉग इन ज़रूर करें।

 

परीक्षा से पहले जारी होंगे एडमिट कार्ड

परीक्षा से कुछ दिन पहले ही एडमिट कार्ड जारी किए जाएंगे। जिन्हे डाउनलोड कर अपने पास रखें। बिना एडमिट कार्ड के आप परीक्षा में शामिल नहीं हो पाएंगे।

 

सीबीएसई ने 10वीं- 12वीं बोर्ड परीक्षाओं का तारीख घोषित की जा चुकी है। पिछले साल पेपर लीक होने की वजह से सीबीएसई ने इस बार एग्जाम में किसी भीतरह की गड़बड़ी को रोकने के लिए कई सारे कदम उठाए है। इस बार एग्जाम में कॉपियों के मूल्यांकन के बाद परीक्षक व मुख्य परीक्षक अपना नाम लिखेंगे। अभी तक परीक्षक उत्तरपुस्तिकाओं पर केवल अपने हस्ताक्षर ही करते थे, लेकिन अब सभी कॉपियों पर परीक्षक के नाम के साथ उनके स्कूल और विषय का नाम भी रहेगा। आइए जानते है कि बोर्ड ने इस बार परीक्षाओं को लेकर क्या बदलाव किए है 

 

बोर्ड ने तैयार किए मास्टर ट्रेनर
बोर्ड ने मूल्यांकन में कई बदलाव किये हैं। शिक्षकों की ऑनलाइन सूची लेने के साथ ही मूल्यांकन के दौरान रखी जाने वाली सावधानियों की जानकारी बोर्ड द्वारा दी जा रही है। बोर्ड द्वारा इसके लिए मास्टर ट्रेंनर तैयार किया गया है। ये मास्टर ट्रेनर हर जोन में जाकर बाकी शिक्षकों को मूल्यांकन की ट्रेंनिंग दे रहे हैं। 

 

केंद्रवार शिक्षकों की सूची भेजनी होगी
मूल्यांकन केंद्र उन्हीं स्कूलों को बनाया जायेगा, जहां पर सुविधाएं होंगी। हर केंद्र से कॉपी मूल्यांकन के बाद हर दिन शिक्षकों की सूची बोर्ड को भेजी जाएगी। किसी परीक्षक ने कितनी कॉपी जांची, ये बताना होगा। हर केंद्र की समीक्षा बोर्ड द्वारा हर दिन किया जाएगा। 

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सभी केंद्रों की होगी वीडियोग्राफी 
इस बार से हर केद्रों की वीडियोग्राफी होगी ताकि बोर्ड अनुपस्थित होने वाले शिक्षकों को चिह्नित कर सके। 
ज्ञात हो कि कई स्कूल शिक्षकों का फर्जी नाम बोर्ड को भेज देते हैं जबकि वे शिक्षक उस स्कूल में पढ़ाते नहीं हैं।
 सीबीएसई 10वीं और 12वीं की कॉपियों के मूल्यांकन के बाद परीक्षक और मुख्य परीक्षक अपना नाम लिखेंगे
हर केंद्र से कॉपी मूल्यांकन के बाद हर दिन शिक्षकों की सूची बोर्ड को भेजी जाएगी, बोर्ड ही केंद्र की समीक्षा करेगा
शिक्षक अपनी मनमानी नहीं कर पाएंगे
हर दिन समय पर मूल्यांकन शुरू होगा
 परीक्षक अनुपस्थित नहीं हो पाएंगे 
हर दिन कॉपी जांचने के टास्क को पूरा करना होगा 
मूल्यांकन को लेकर सारी तैयारी अभी से शुरू कर दी गयी है। शिक्षकों को हर तरह की जानकारी दी जा रही है, जिससे मूल्यांकन के दौरान किसी तरह की गड़बड़ी न हो सके। 

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